Navigate to Verse
Currently viewing: Parva 1 -
Chapter 1.214
(32 verses)
Powered by Aksharamukha
Search Mahābhārata
❖ ❖ ❖
Sanskrit Text
विहारदेशं
संप्राप्य
नानाद्रुमवदुत्तमम्
।
गृहैरुच्चावचैर्युक्तं
पुरंदरगृहोपमम्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
विहार + देश | सम्प्राप्य | नाना + द्रुम + वत् | उत्तमम्
गृहैर् | उच्चावचैर् | युक्तं | पुरंदर + गृह + उपम
गृहैर् | उच्चावचैर् | युक्तं | पुरंदर + गृह + उपम