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Currently viewing: Parva 1 -
Chapter 1.214
(32 verses)
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Sanskrit Text
न
तु
केवलदैवेन
प्रजा
भावेन
रेमिरे
।
यद्बभूव
मनःकान्तं
कर्मणा
स
चकार
तत्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
न | तु | केवल + दैव | प्रजा | भावेन | भेजिरे
यद् | बभूव | मनस् + कान्त | कर्मणा | स | चकार | तत्
यद् | बभूव | मनस् + कान्त | कर्मणा | स | चकार | तत्