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Currently viewing: Parva 1 -
Chapter 1.213
(82 verses)
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Sanskrit Text
ततो
ददौ
वासुदेवो
जन्यार्थे
धनमुत्तमम्
।
हरणं
वै
सुभद्राया
ज्ञातिदेयं
महायशाः
॥
Padaccheda (Word Analysis)
ततो | ददौ | वासुदेवो | जन्या + अर्थ | धनम् | उत्तमम्
हरणं | तत्र | पाञ्चाल्या | ज्ञाति + दा | तु | सौमकिः
हरणं | तत्र | पाञ्चाल्या | ज्ञाति + दा | तु | सौमकिः