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Currently viewing: Parva 1 -
Chapter 1.208
(21 verses)
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Sanskrit Text
तस्य
वै
तपसा
राजंस्तद्वनं
तेजसावृतम्
।
आदित्य
इव
तं
देशं
कृत्स्नं
स
व्यवभासयत्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
तस्य | वै | तपसा | राजन् + तद् | वनं | तेजस् + आवृ
आदित्य | इव | तं | देशं | कृत्स्नं | स | व्यवभासयत्
आदित्य | इव | तं | देशं | कृत्स्नं | स | व्यवभासयत्