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Currently viewing: Parva 1 -
Chapter 1.208
(21 verses)
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Sanskrit Text
का
वै
त्वमसि
कल्याणि
कुतो
वासि
जलेचरी
।
किमर्थं
च
महत्पापमिदं
कृतवती
पुरा
॥
Padaccheda (Word Analysis)
का | वै | त्वम् | असि | कल्याणि | कुतो | वा + अस् | जलेचरी
किमर्थं | च | महत् | पापम् | इदं | कृतवती | पुरा
किमर्थं | च | महत् | पापम् | इदं | कृतवती | पुरा