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Currently viewing: Parva 1 -
Chapter 1.203
(30 verses)
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Sanskrit Text
त्वत्कृते
दर्शनादेव
रूपसंपत्कृतेन
वै
।
विरोधः
स्याद्यथा
ताभ्यामन्योन्येन
तथा
कुरु
॥
Padaccheda (Word Analysis)
त्वद् + कृते | दर्शनाद् | एव | रूप + सम्पद् + कृ | वै
विरोधः | स्याद् | यथा | ताभ्याम् | अन्योन्येन | तथा | कुरु
विरोधः | स्याद् | यथा | ताभ्याम् | अन्योन्येन | तथा | कुरु