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Currently viewing: Parva 1 -
Chapter 1.2
(243 verses)
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Sanskrit Text
यत्र
युद्धमभूद्घोरं
दशाहान्यतिदारुणम्
।
यत्र
यौधिष्ठिरं
सैन्यं
विषादमगमत्परम्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
यत्र | युद्धम् | अभूद् | घोरं | दशन् + अह + अति + दारुण
यत्र | यौधिष्ठिरं | सैन्यं | विषादम् | अगमत् | परम्
यत्र | यौधिष्ठिरं | सैन्यं | विषादम् | अगमत् | परम्