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Currently viewing: Parva 1 -
Chapter 1.191
(19 verses)
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Sanskrit Text
जीवसूर्वीरसूर्भद्रे
बहुसौख्यसमन्विता
।
सुभगा
भोगसंपन्ना
यज्ञपत्नी
स्वनुव्रता
॥
Padaccheda (Word Analysis)
जीवसूर् | वीरसूर् | भद्रे | बहु + सौख्य + समन्वित
सुभगा | भोग + सम्पद् | यज्ञपत्नी | स्वनुव्रता
सुभगा | भोग + सम्पद् | यज्ञपत्नी | स्वनुव्रता