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Currently viewing: Parva 1 -
Chapter 1.191
(19 verses)
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Sanskrit Text
यथेन्द्राणी
हरिहये
स्वाहा
चैव
विभावसौ
।
रोहिणी
च
यथा
सोमे
दमयन्ती
यथा
नले
॥
Padaccheda (Word Analysis)
यथा + इन्द्राणी | हरिहये | स्वाहा | च + एव | विभावसौ
रोहिणी | च | यथा | सोमे | दमयन्ती | यथा | नले
रोहिणी | च | यथा | सोमे | दमयन्ती | यथा | नले