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Currently viewing: Parva 1 -
Chapter 1.189
(49 verses)
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Sanskrit Text
वैवस्वतस्यापि
तनुर्विभूता;
वीर्येण
युष्माकमुत
प्रयुक्ता
।
सैषामन्तो
भविता
ह्यन्तकाले;
तनुर्हि
वीर्यं
भविता
नरेषु
॥
Padaccheda (Word Analysis)
वैवस्वत + अपि | तनुर् | विभूता | वीर्येण | युष्माकम् | उत | प्रयुक्ता
तद् + इदम् | अन्तो | भविता | हि + अन्तकाल | तनुर् | हि | वीर्यं | भविता | नरेषु
तद् + इदम् | अन्तो | भविता | हि + अन्तकाल | तनुर् | हि | वीर्यं | भविता | नरेषु