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Currently viewing: Parva 1 -
Chapter 1.189
(49 verses)
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Sanskrit Text
गमिष्यामो
मानुषं
देवलोका;द्दुराधरो
विहितो
यत्र
मोक्षः
।
देवास्त्वस्मानादधीरञ्जनन्यां;
धर्मो
वायुर्मघवानश्विनौ
च
॥
Padaccheda (Word Analysis)
गमिष्यामो | मानुषं | देव + लोक | दुराधरो | विहितो | यत्र | मोक्षः
देव + तु + मद् | आदधीरञ् | जनन्यां | धर्मो | वायुर् | मघवान् | अश्विनौ | च
देव + तु + मद् | आदधीरञ् | जनन्यां | धर्मो | वायुर् | मघवान् | अश्विनौ | च