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Currently viewing: Parva 1 -
Chapter 1.189
(49 verses)
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Sanskrit Text
तमब्रवीद्देवराजो
ममेदं;
त्वं
विद्धि
विश्वं
भुवनं
वशे
स्थितम्
।
ईशोऽहमस्मीति
समन्युरब्रवी;द्दृष्ट्वा
तमक्षैः
सुभृशं
प्रमत्तम्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
तम् | अब्रवीद् | देवराजो | मद् + इदम् | त्वं | विद्धि | विश्वं | भुवनं | वशे | स्थितम्
ईशो | ऽहम् | अस् + इति | समन्युर् | अब्रवीद् | दृष्ट्वा | तम् | अक्षैः | सु + भृशम् | प्रमत्तम्
ईशो | ऽहम् | अस् + इति | समन्युर् | अब्रवीद् | दृष्ट्वा | तम् | अक्षैः | सु + भृशम् | प्रमत्तम्