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Currently viewing: Parva 1 -
Chapter 1.187
(32 verses)
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Sanskrit Text
भवान्वा
विधिवत्पाणिं
गृह्णातु
दुहितुर्मम
।
यस्य
वा
मन्यसे
वीर
तस्य
कृष्णामुपादिश
॥
Padaccheda (Word Analysis)
भवान् | वा | विधिवत् | पाणिं | गृह्णातु | दुहितुर् | मम
यस्य | वा | मन्यसे | वीर | तस्य | कृष्णाम् | उपादिश
यस्य | वा | मन्यसे | वीर | तस्य | कृष्णाम् | उपादिश