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Currently viewing: Parva 1 -
Chapter 1.187
(32 verses)
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Sanskrit Text
ततः
स
द्रुपदो
राजा
हर्षव्याकुललोचनः
।
प्रतिवक्तुं
तदा
युक्तं
नाशकत्तं
युधिष्ठिरम्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
इति | स | द्रुपदो | राजा | सर्वतः | समघोषयत्
प्रतिवक्तुं | तदा | युक्तं | न + शक् | तं | युधिष्ठिरम्
प्रतिवक्तुं | तदा | युक्तं | न + शक् | तं | युधिष्ठिरम्