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Currently viewing: Parva 1 -
Chapter 1.182
(15 verses)
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Sanskrit Text
अहं
ततो
नकुलोऽनन्तरं
मे;
माद्रीसुतः
सहदेवो
जघन्यः
।
वृकोदरोऽहं
च
यमौ
च
राज;न्नियं
च
कन्या
भवतः
स्म
सर्वे
॥
Padaccheda (Word Analysis)
अहं | ततो | नकुलो | ऽनन्तरं | मे | माद्री + सुत | सहदेवो | जघन्यः
वृकोदरो | ऽहं | च | यमौ | च | राजन्न् | इयं | च | कन्या | भवतः | स्म | सर्वे
वृकोदरो | ऽहं | च | यमौ | च | राजन्न् | इयं | च | कन्या | भवतः | स्म | सर्वे