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Currently viewing: Parva 1 -
Chapter 1.181
(40 verses)
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Sanskrit Text
ततोऽर्जुनस्य
भुजयोर्वीर्यमप्रतिमं
भुवि
।
ज्ञात्वा
वैकर्तनः
कर्णः
संरब्धः
समयोधयत्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
ततो | ऽर्जुनस्य | भुजयोर् | वीर्यम् | अप्रतिमं | भुवि
ततो | वैकर्तनः | कर्णः | कर्मणा | तेन | सो | ऽभवत्
ततो | वैकर्तनः | कर्णः | कर्मणा | तेन | सो | ऽभवत्