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Currently viewing: Parva 1 -
Chapter 1.176
(36 verses)
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Sanskrit Text
ततः
समाजो
ववृधे
स
राजन्दिवसान्बहून्
।
रत्नप्रदानबहुलः
शोभितो
नटनर्तकैः
॥
Padaccheda (Word Analysis)
ततः | समाजो | ववृधे | स | राजन् | दिवसान् | बहून्
रत्न + प्रदान + बहुल | शोभितो | नट + नर्तक
रत्न + प्रदान + बहुल | शोभितो | नट + नर्तक