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Currently viewing: Parva 1 -
Chapter 1.176
(36 verses)
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Sanskrit Text
सोऽन्वेषमाणः
कौन्तेयान्पाञ्चाल्यो
जनमेजय
।
दृढं
धनुरनायम्यं
कारयामास
भारत
॥
Padaccheda (Word Analysis)
सो | ऽन्वेषमाणः | कौन्तेयान् | पाञ्चाल्यो | जनमेजय
ततो | जल + विहार + अर्थ | कारयामास | भारत
ततो | जल + विहार + अर्थ | कारयामास | भारत