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Currently viewing: Parva 1 -
Chapter 1.176
(36 verses)
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Sanskrit Text
यज्ञसेनस्य
कामस्तु
पाण्डवाय
किरीटिने
।
कृष्णां
दद्यामिति
सदा
न
चैतद्विवृणोति
सः
॥
Padaccheda (Word Analysis)
यज्ञसेनस्य | काम + तु | पाण्डवाय | किरीटिने
कृष्णां | दद्याम् | इति | सदा | न | च + एतद् | विवृणोति | सः
कृष्णां | दद्याम् | इति | सदा | न | च + एतद् | विवृणोति | सः