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Currently viewing: Parva 1 -
Chapter 1.176
(36 verses)
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Sanskrit Text
एतत्कर्ता
कर्म
सुदुष्करं
यः;
कुलेन
रूपेण
बलेन
युक्तः
।
तस्याद्य
भार्या
भगिनी
ममेयं;
कृष्णा
भवित्री
न
मृषा
ब्रवीमि
॥
Padaccheda (Word Analysis)
एतत् | कर्ता | कर्म | सु + दुष्कर | यः | कुलेन | रूपेण | बलेन | युक्तः
तद् + अद्य | भार्या | भगिनी | मद् + इदम् | कृष्णा | भवित्री | न | मृषा | ब्रवीमि
तद् + अद्य | भार्या | भगिनी | मद् + इदम् | कृष्णा | भवित्री | न | मृषा | ब्रवीमि