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Currently viewing: Parva 1 -
Chapter 1.173
(24 verses)
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Sanskrit Text
अकृतार्था
ह्यहं
भर्त्रा
प्रसवार्थश्च
मे
महान्
।
प्रसीद
नृपतिश्रेष्ठ
भर्ता
मेऽयं
विसृज्यताम्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
अकृतार्था | हि + मद् | भर्त्रा | प्रसव + अर्थ + च | मे | महान्
प्रसीद | नृपति + श्रेष्ठ | भर्ता | मे | ऽयं | विसृज्यताम्
प्रसीद | नृपति + श्रेष्ठ | भर्ता | मे | ऽयं | विसृज्यताम्