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Currently viewing: Parva 1 -
Chapter 1.169
(25 verses)
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Sanskrit Text
तत
उच्छिद्यमानेषु
भृगुष्वेवं
भयात्तदा
।
भृगुपत्न्यो
गिरिं
तात
हिमवन्तं
प्रपेदिरे
॥
Padaccheda (Word Analysis)
तत | उच्छिद्यमानेषु | भृगु + एवम् | भयात् | तदा
भृगु + पत्नी | गिरिं | तात | हिमवन्तं | प्रपेदिरे
भृगु + पत्नी | गिरिं | तात | हिमवन्तं | प्रपेदिरे