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Currently viewing: Parva 1 -
Chapter 1.169
(25 verses)
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Sanskrit Text
आश्रमस्था
ततः
पुत्रमदृश्यन्ती
व्यजायत
।
शक्तेः
कुलकरं
राजन्द्वितीयमिव
शक्तिनम्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
आश्रम + स्थ | ततः | पुत्रम् | अदृश्यन्ती | व्यजायत
शक्तेः | कुल + कर | राजन् | द्वितीयम् | इव | शक्तिनम्
शक्तेः | कुल + कर | राजन् | द्वितीयम् | इव | शक्तिनम्