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Currently viewing: Parva 1 -
Chapter 1.169
(25 verses)
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Sanskrit Text
ततस्ते
मोघसंकल्पा
भयार्ताः
क्षत्रियर्षभाः
।
ब्रह्मणीं
शरणं
जग्मुर्दृष्ट्यर्थं
तामनिन्दिताम्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
ततस् + तद् | मोघ + संकल्प | भय + आर्त | क्षत्रिय + ऋषभ
ब्राह्मणीं | शरणं | जग्मुर् | दृष्टि + अर्थ | ताम् | अनिन्दिताम्
ब्राह्मणीं | शरणं | जग्मुर् | दृष्टि + अर्थ | ताम् | अनिन्दिताम्