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Currently viewing: Parva 1 -
Chapter 1.167
(21 verses)
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Sanskrit Text
तं
निवारयितुं
शक्तो
नान्योऽस्ति
भुवि
कश्चन
।
त्वदृतेऽद्य
महाभाग
सर्ववेदविदां
वर
॥
Padaccheda (Word Analysis)
तं | निवारयितुं | शक्तो | न + अन्य | ऽस्ति | भुवि | कश्चन
त्वद् | ऋते | ऽद्य | महाभाग | सर्व + वेद + विद् | वर
त्वद् | ऋते | ऽद्य | महाभाग | सर्व + वेद + विद् | वर