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Currently viewing: Parva 1 -
Chapter 1.167
(21 verses)
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Sanskrit Text
अथ
छित्त्वा
नदी
पाशांस्तस्यारिबलमर्दन
।
समस्थं
तमृषिं
कृत्वा
विपाशं
समवासृजत्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
अथ | छित्त्वा | नदी | पाश + तद् + अरि + बल + मर्दन
समस्थं | तम् | ऋषिं | कृत्वा | विपाशं | समवासृजत्
समस्थं | तम् | ऋषिं | कृत्वा | विपाशं | समवासृजत्