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Currently viewing: Parva 1 -
Chapter 1.165
(44 verses)
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Sanskrit Text
किं
नु
त्यक्तास्मि
भगवन्यदेवं
मां
प्रभाषसे
।
अत्यक्ताहं
त्वया
ब्रह्मन्न
शक्या
नयितुं
बलात्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
किं | नु | त्यज् + अस् | भगवन् | यद् | एवं | मां | प्रभाषसे
अत्यक्त + मद् | त्वया | ब्रह्मन् | न | शक्या | नयितुं | बलात्
अत्यक्त + मद् | त्वया | ब्रह्मन् | न | शक्या | नयितुं | बलात्