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Currently viewing: Parva 1 -
Chapter 1.164
(14 verses)
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Sanskrit Text
स
हि
तान्याजयामास
सर्वान्नृपतिसत्तमान्
।
ब्रह्मर्षिः
पाण्डवश्रेष्ठ
बृहस्पतिरिवामरान्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
स | हि | तान् | याजयामास | सर्वान् | नृपति + सत्तम
ब्रह्मर्षिः | पाण्डव + श्रेष्ठ | बृहस्पतिर् | इव + अमर
ब्रह्मर्षिः | पाण्डव + श्रेष्ठ | बृहस्पतिर् | इव + अमर