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Currently viewing: Parva 1 -
Chapter 1.163
(23 verses)
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Sanskrit Text
स
राजा
मन्मथाविष्टस्तद्गतेनान्तरात्मना
।
दृष्ट्वा
च
देवकन्यां
तां
तपतीं
चारुहासिनीम्
।
वसिष्ठेन
सहायान्तीं
संहृष्टोऽभ्यधिकं
बभौ
॥
Padaccheda (Word Analysis)
स | राजा | मन्मथ + आविश् + तद्गत + अन्तरात्मन्
दृष्ट्वा | च | देव + कन्या | तां | तपतीं | चारु + हासिन्
वसिष्ठेन | सह + आया | संहृष्टो | ऽभ्यधिकं | बभौ
दृष्ट्वा | च | देव + कन्या | तां | तपतीं | चारु + हासिन्
वसिष्ठेन | सह + आया | संहृष्टो | ऽभ्यधिकं | बभौ