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Currently viewing: Parva 1 -
Chapter 1.163
(23 verses)
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Sanskrit Text
स
हि
राजा
बृहत्कीर्तिर्धर्मार्थविदुदारधीः
।
युक्तः
संवरणो
भर्ता
दुहितुस्ते
विहंगम
॥
Padaccheda (Word Analysis)
स | हि | राजा | बृहत् + कीर्ति | धर्म + अर्थ + विद् | उदार + धी
युक्तः | संवरणो | भर्ता | दुहितृ + त्वद् | विहंगम
युक्तः | संवरणो | भर्ता | दुहितृ + त्वद् | विहंगम