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Currently viewing: Parva 1 -
Chapter 1.151
(24 verses)
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Sanskrit Text
भीमसेनस्तु
तच्छ्रुत्वा
प्रहसन्निव
भारत
।
राक्षसं
तमनादृत्य
भुङ्क्त
एव
पराङ्मुखः
॥
Padaccheda (Word Analysis)
भीमसेन + तदा | वाक्यम् | अब्रवीत् | प्रहसन्न् | इव
राक्षसं | तम् | अनादृत्य | भुङ्क्त | एव | पराङ्मुखः
राक्षसं | तम् | अनादृत्य | भुङ्क्त | एव | पराङ्मुखः