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Currently viewing: Parva 1 -
Chapter 1.147
(24 verses)
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Sanskrit Text
मा
रोदीस्तात
मा
मातर्मा
स्वसस्त्वमिति
ब्रुवन्
।
प्रहसन्निव
सर्वांस्तानेकैकं
सोऽपसर्पति
॥
Padaccheda (Word Analysis)
मा | रुद् + तात | मा | मातर् | मा | स्वसृ + त्वद् | इति | ब्रुवन्
प्रहसन्न् | इव | सर्व + तद् | एकैकं | सो | ऽपसर्पति
प्रहसन्न् | इव | सर्व + तद् | एकैकं | सो | ऽपसर्पति