Navigate to Verse
Currently viewing: Parva 1 -
Chapter 1.147
(24 verses)
Powered by Aksharamukha
Search Mahābhārata
❖ ❖ ❖
Sanskrit Text
अनाथा
कृपणा
बाला
यत्रक्वचनगामिनी
।
भविष्यामि
त्वया
तात
विहीना
कृपणा
बत
॥
Padaccheda (Word Analysis)
अनाथा | कृपणा | बाला | यत्र + क्वचन + गामिन्
भविष्यामि | त्वया | तात | विहीना | कृपणा | बत
भविष्यामि | त्वया | तात | विहीना | कृपणा | बत