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Currently viewing: Parva 1 -
Chapter 1.145
(40 verses)
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Sanskrit Text
यस्मिँल्लोकाः
प्रसूतिश्च
स्थिता
नित्यमथो
सुखम्
।
अपापां
तामहं
बालां
कथमुत्स्रष्टुमुत्सहे
॥
Padaccheda (Word Analysis)
यद् + लोक | प्रसूति + च | स्थिता | नित्यम् | अथो | सुखम्
स्वयम् | उत्पाद्य | तां | बालां | कथम् | उत्स्रष्टुम् | उत्सहे
स्वयम् | उत्पाद्य | तां | बालां | कथम् | उत्स्रष्टुम् | उत्सहे