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Currently viewing: Parva 1 -
Chapter 1.145
(40 verses)
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Sanskrit Text
सहधर्मचरीं
दान्तां
नित्यं
मातृसमां
मम
।
सखायं
विहितां
देवैर्नित्यं
परमिकां
गतिम्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
सहधर्म + चर | दान्तां | नित्यं | मातृ + सम | मम
सखि + इदम् | विहितां | देवैर् | नित्यं | परमिकां | गतिम्
सखि + इदम् | विहितां | देवैर् | नित्यं | परमिकां | गतिम्