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Currently viewing: Parva 1 -
Chapter 1.145
(40 verses)
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Sanskrit Text
सा
चिन्तये
सदा
पुत्र
ब्राह्मणस्यास्य
किं
न्वहम्
।
प्रियं
कुर्यामिति
गृहे
यत्कुर्युरुषिताः
सुखम्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
सा | चिन्तये | सदा | पुत्र | ब्राह्मण + इदम् | किं | नु + मद्
प्रियं | कुर्याम् | इति | गृहे | यत् | कुर्युर् | उषिताः | सुखम्
प्रियं | कुर्याम् | इति | गृहे | यत् | कुर्युर् | उषिताः | सुखम्