Navigate to Verse
Currently viewing: Parva 1 -
Chapter 1.142
(34 verses)
Powered by Aksharamukha
Search Mahābhārata
❖ ❖ ❖
Sanskrit Text
किमनेन
चिरं
भीम
जीवता
पापरक्षसा
।
गन्तव्यं
न
चिरं
स्थातुमिह
शक्यमरिंदम
॥
Padaccheda (Word Analysis)
किम् | अनेन | चिरं | भीम | जीवता | पाप + रक्षस्
गन्तव्यं | नचिरं | स्थातुम् | इह | शक्यम् | अरिंदम
गन्तव्यं | नचिरं | स्थातुम् | इह | शक्यम् | अरिंदम