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Currently viewing: Parva 1 -
Chapter 1.139
(32 verses)
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Sanskrit Text
आक्रम्य
मानुषं
कण्ठमाच्छिद्य
धमनीमपि
।
उष्णं
नवं
प्रपास्यामि
फेनिलं
रुधिरं
बहु
॥
Padaccheda (Word Analysis)
आक्रम्य | मानुषं | कण्ठम् | आच्छिद्य | धमनीम् | अपि
उष्णं | नवं | प्रपास्यामि | फेनिलं | रुधिरं | बहु
उष्णं | नवं | प्रपास्यामि | फेनिलं | रुधिरं | बहु