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Currently viewing: Parva 1 -
Chapter 1.139
(32 verses)
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Sanskrit Text
त्रास्येऽहं
त्वां
महाबाहो
राक्षसात्पुरुषादकात्
।
वत्स्यावो
गिरिदुर्गेषु
भर्ता
भव
ममानघ
॥
Padaccheda (Word Analysis)
त्रास्ये | ऽहं | त्वां | महत् + बाहु | राक्षसात् | पुरुषादकात्
वत्स्यावो | गिरि + दुर्ग | भर्ता | भव | मद् + अनघ
वत्स्यावो | गिरि + दुर्ग | भर्ता | भव | मद् + अनघ