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Currently viewing: Parva 1 -
Chapter 1.139
(32 verses)
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Sanskrit Text
एतद्विज्ञाय
धर्मज्ञ
युक्तं
मयि
समाचर
।
कामोपहतचित्ताङ्गीं
भजमानां
भजस्व
माम्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
एतद् | विज्ञाय | धर्म + ज्ञ | ततस् + त्वद् | धर्मम् | आचर
काम + उपहन् + चित्त + अङ्ग | भजमानां | भजस्व | माम्
काम + उपहन् + चित्त + अङ्ग | भजमानां | भजस्व | माम्