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Currently viewing: Parva 1 -
Chapter 1.139
(32 verses)
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Sanskrit Text
केयं
च
बृहती
श्यामा
सुकुमारी
तवानघ
।
शेते
वनमिदं
प्राप्य
विश्वस्ता
स्वगृहे
यथा
॥
Padaccheda (Word Analysis)
क + इदम् | च | बृहती | श्यामा | सुकुमारी | त्वद् + अनघ
शेते | वनम् | इदं | प्राप्य | विश्वस्ता | स्व + गृह | यथा
शेते | वनम् | इदं | प्राप्य | विश्वस्ता | स्व + गृह | यथा