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Currently viewing: Parva 1 -
Chapter 1.137
(23 verses)
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Sanskrit Text
ततः
श्रान्ताः
पिपासार्ता
निद्रान्धाः
पाण्डुनन्दनाः
।
पुनरूचुर्महावीर्यं
भीमसेनमिदं
वचः
॥
Padaccheda (Word Analysis)
ततः | श्रान्ताः | पिपासा + आर्त | निद्रा + अन्ध | पाण्डु + नन्दन
पुनर् | ऊचुर् | महत् + वीर्य | भीमसेनम् | इदं | वचः
पुनर् | ऊचुर् | महत् + वीर्य | भीमसेनम् | इदं | वचः