Navigate to Verse
Currently viewing: Parva 1 -
Chapter 1.137
(23 verses)
Powered by Aksharamukha
Search Mahābhārata
❖ ❖ ❖
Sanskrit Text
पाण्डवाश्चापि
निर्गत्य
नगराद्वारणावतात्
।
जवेन
प्रययू
राजन्दक्षिणां
दिशमाश्रिताः
॥
Padaccheda (Word Analysis)
ततः | सर्वाः | प्रकृतयो | नगराद् | वारणावतात्
जवेन | प्रययू | राजन् | दक्षिणां | दिशम् | आश्रिताः
जवेन | प्रययू | राजन् | दक्षिणां | दिशम् | आश्रिताः