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Currently viewing: Parva 1 -
Chapter 1.134
(28 verses)
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Sanskrit Text
कृतं
हि
व्यक्तमाग्नेयमिदं
वेश्म
परंतप
।
शणसर्जरसं
व्यक्तमानीतं
गृहकर्मणि
।
मुञ्जबल्वजवंशादि
द्रव्यं
सर्वं
घृतोक्षितम्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
कृतं | हि | व्यक्तम् | आग्नेयम् | इदं | वेश्म | परंतप
शण + सर्जरस | व्यक्तम् | आनीतं | गृहकर्मणि
मुञ्ज + बल्वज + वंश + आदि | द्रव्यं | सर्वं | घृत + उक्ष्
शण + सर्जरस | व्यक्तम् | आनीतं | गृहकर्मणि
मुञ्ज + बल्वज + वंश + आदि | द्रव्यं | सर्वं | घृत + उक्ष्