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Currently viewing: Parva 1 -
Chapter 1.133
(30 verses)
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Sanskrit Text
क्षत्ता
यदब्रवीद्वाक्यं
जनमध्येऽब्रुवन्निव
।
त्वया
च
तत्तथेत्युक्तो
जानीमो
न
च
तद्वयम्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
क्षत्ता | यद् | अब्रवीद् | वाक्यं | जन + मध्य | अ + ब्रू | इव
त्वया | च | तत् | तथा + इति + वच् | जानीमो | न | च | तद् | वयम्
त्वया | च | तत् | तथा + इति + वच् | जानीमो | न | च | तद् | वयम्