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Currently viewing: Parva 1 -
Chapter 1.13
(45 verses)
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Sanskrit Text
आस्तीकश्च
द्विजश्रेष्ठः
किमर्थं
जपतां
वरः
।
मोक्षयामास
भुजगान्दीप्तात्तस्माद्धुताशनात्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
आस्तीक + च | द्विजश्रेष्ठः | क + अर्थ | जपतां | वरः
मोक्षयामास | भुजगान् | दीप्तात् | तद् + हुताशन
मोक्षयामास | भुजगान् | दीप्तात् | तद् + हुताशन