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Currently viewing: Parva 1 -
Chapter 1.128
(18 verses)
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Sanskrit Text
द्रोणेन
वैरं
द्रुपदः
संस्मरन्न
शशाम
ह
।
क्षात्रेण
च
बलेनास्य
नापश्यत्स
पराजयम्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
द्रोणेन | वैरं | द्रुपदः | संस्मरन् | न | शशाम | ह
क्षात्रेण | च | बल + इदम् | न + पश् | स | पराजयम्
क्षात्रेण | च | बल + इदम् | न + पश् | स | पराजयम्