Navigate to Verse
Currently viewing: Parva 1 -
Chapter 1.127
(24 verses)
Powered by Aksharamukha
Search Mahābhārata
❖ ❖ ❖
Sanskrit Text
यस्य
वा
मनुजस्येदं
न
क्षान्तं
मद्विचेष्टितम्
।
रथमारुह्य
पद्भ्यां
वा
विनामयतु
कार्मुकम्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
यस्य | वा | मनुज + इदम् | न | क्षान्तं | मद् + विचेष्टित
रथम् | आरुह्य | पद्भ्यां | वा | विनामयतु | कार्मुकम्
रथम् | आरुह्य | पद्भ्यां | वा | विनामयतु | कार्मुकम्