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Currently viewing: Parva 1 -
Chapter 1.124
(33 verses)
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Sanskrit Text
रङ्गमध्यं
तदाचार्यः
सपुत्रः
प्रविवेश
ह
।
नभो
जलधरैर्हीनं
साङ्गारक
इवांशुमान्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
रङ्ग + मध्य | तदा + आचार्य | स + पुत्र | प्रविवेश | ह
नभो | जलधरैर् | हीनं | साङ्गारक | इव + अंशुमन्त्
नभो | जलधरैर् | हीनं | साङ्गारक | इव + अंशुमन्त्