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Currently viewing: Parva 1 -
Chapter 1.124
(33 verses)
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Sanskrit Text
गान्धारी
च
महाभागा
कुन्ती
च
जयतां
वर
।
स्त्रियश्च
सर्वा
या
राज्ञः
सप्रेष्याः
सपरिच्छदाः
।
हर्षादारुरुहुर्मञ्चान्मेरुं
देवस्त्रियो
यथा
॥
Padaccheda (Word Analysis)
गान्धारी | च | महाभागा | कुन्ती | च | जयतां | वर
स्त्री + च | सर्वा | या | राज्ञः | स + प्रेष्य | स + परिच्छद
हर्षाद् | आरुरुहुर् | मञ्चान् | मेरुं | देव + स्त्री | यथा
स्त्री + च | सर्वा | या | राज्ञः | स + प्रेष्य | स + परिच्छद
हर्षाद् | आरुरुहुर् | मञ्चान् | मेरुं | देव + स्त्री | यथा